Corporate Bond Fund

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड क्या है? आसान भाषा में पूरी जानकारी

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं लेकिन शेयर बाजार की ज्यादा हलचल से बचना चाहते हैं, तो आपने कॉरपोरेट बॉन्ड फंड का नाम जरूर सुना होगा।

अब नाम सुनकर थोड़ा गंभीर लगता है, लेकिन इसे आसान भाषा में समझते हैं — जैसे दो लोग बैठकर आराम से फाइनेंस की बात कर रहे हों।

सबसे पहले समझिए – कॉरपोरेट बॉन्ड क्या होता है?

मान लीजिए किसी बड़ी कंपनी को अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत है।
वो बैंक से लोन लेने के बजाय बाजार से पैसा उठाती है। इसके लिए वह बॉन्ड जारी करती है।

आप वो बॉन्ड खरीदते हैं →
कंपनी आपसे पैसा उधार लेती है →
और बदले में आपको तय ब्याज देती है।

यही कॉरपोरेट बॉन्ड कहलाता है।


तो कॉरपोरेट बॉन्ड फंड क्या करता है?


कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ऐसे ही बॉन्ड्स में निवेश करता है —
खासकर उच्च गुणवत्ता (High Rated) वाली कंपनियों के बॉन्ड में।

नियम के अनुसार, इस तरह के फंड को अपने कुल निवेश का कम से कम 80% हिस्सा अच्छी रेटिंग (AA+ और उससे ऊपर) वाले कॉरपोरेट बॉन्ड्स में लगाना होता है।

मतलब ये फंड थोड़ा सुरक्षित खेलने की कोशिश करता है।


इसमें निवेश क्यों किया जाता है?


अब सीधी बात करते हैं — लोग इसमें पैसा क्यों लगाते हैं?

1. FD से बेहतर रिटर्न की उम्मीद

अक्सर कॉरपोरेट बॉन्ड फंड बैंक FD से थोड़ा ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं (लेकिन गारंटी नहीं होती)।

2. शेयर बाजार से कम जोखिम

इसमें इक्विटी जैसा उतार-चढ़ाव नहीं होता।

3. स्थिर आय की संभावना

क्योंकि ये ब्याज से कमाई करता है, इसलिए रिटर्न अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है।


लेकिन क्या इसमें जोखिम नहीं है?


जोखिम हर जगह होता है, यहां भी है।

1. क्रेडिट रिस्क

अगर किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति खराब हो जाए और वो ब्याज या मूलधन चुकाने में असफल हो जाए, तो फंड पर असर पड़ सकता है।

हालांकि ये फंड ज्यादातर अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों में निवेश करता है, इसलिए रिस्क कम रहता है।

2. ब्याज दर जोखिम

अगर बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बॉन्ड की कीमत घट सकती है।
इससे फंड का NAV थोड़ा नीचे आ सकता है।

3. गारंटी नहीं

ये बैंक FD नहीं है। रिटर्न निश्चित नहीं होता।


कितने समय के लिए निवेश करें?


कॉरपोरेट बॉन्ड फंड में निवेश करने के लिए कम से कम 2–3 साल का नजरिया रखना बेहतर होता है।

बहुत शॉर्ट टर्म के लिए ये सही विकल्प नहीं है।


किसके लिए सही है?
जिनका लक्ष्य 2–4 साल दूर है
जो FD से थोड़ा बेहतर रिटर्न चाहते हैं
जो इक्विटी का ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते
जो अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता चाहते हैं


किसके लिए सही नहीं?
जिन्हें 6 महीने या 1 साल में पैसा चाहिए
जो बिल्कुल भी उतार-चढ़ाव नहीं चाहते
जो गारंटीड रिटर्न चाहते हैं


आसान उदाहरण से समझिए

अगर निवेश की दुनिया को खाने से तुलना करें:
इक्विटी फंड = मसालेदार और तेज़
लिक्विड फंड = हल्का और सादा
कॉरपोरेट बॉन्ड फंड = संतुलित और आरामदायक

मतलब न बहुत ज्यादा जोखिम, न बहुत ज्यादा धीमा।


निष्कर्ष

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो स्थिरता और मध्यम रिटर्न चाहते हैं। यह FD और इक्विटी के बीच का एक संतुलित रास्ता प्रदान करता है।

हालांकि इसमें जोखिम कम है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होता। इसलिए निवेश से पहले अपनी समयावधि, जोखिम सहने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

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